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हिमाचल में 13 जनवरी को मनाया जाएगा लोहड़ी पर्व: जानिए कितने बजे है पूजा का शुभ मुहूर्त

Lohri Puja Muhurat लोहड़ी का पर्व वीरवार 13 जनवरी को धूमधाम से मनाया जा रहा है जबकि अगले दिन मकर संक्रांति होगी। लोहड़ी पूजन का समय 13 जनवरी को शाम सात बजकर 34 मिनट है। परिवार और आस पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बनाकर बैठते हैं।

धर्मशाला, जागरण संवाददाता। Lohri Puja Muhurat, लोहड़ी का पर्व वीरवार 13 जनवरी को धूमधाम से मनाया जा रहा है, जबकि अगले दिन मकर संक्रांति होगी। लोहड़ी पूजन का समय 13 जनवरी को शाम सात बजकर 34 मिनट है। रात्रि में खुले स्थान में परिवार और आस पड़ोस के लोग मिलकर आग के किनारे घेरा बनाकर बैठते हैं। फिर अग्नि का पूजन कर अर्घ दिया जाता है। उसके बाद रेवड़ी, मूंगफली आदि खाए जाते हैं। धर्मशाला के पंडित विशाल शर्मा ने बताया अर्घ देने का शुभ मुहूर्त 13 जनवरी को शाम सात बजकर 34 मिनट के बाद शुरू होगा। इससे पहले भद्राकाल रहेगा।

लकड़ी, सूखे उपले व रेवड़ी का प्रतीक है लोहड़ी पर्व

जिन परिवारों में लड़के का विवाह होता है अथवा जिन्हें पुत्र प्राप्ति होती है। उनसे पैसे लेकर मुहल्ले या गांव में बच्चे की बराबर बराबर रेवड़ी बांटते हैं। इस मौके पर विवाहिता पुत्रियों को मां के घर से त्योहार में वस्त्र मिठाई, रेवड़ी फलादि भेजा जाता है। लोहड़ी के दिन या उससे दो चार दिन पूर्व बालक बालिकाएं बाजारों में दुकानदारों से लोहड़ी के पैसे मांगते हैं। इनसे लकड़ी एवं रेवड़ी खरीदकर सामूहिक लोहड़ी में प्रयुक्त करते हैं। लोहड़ी में  लकड़ी, सूखे उपले, रेवड़ी लोहड़ी का प्रतीक हैं। पूस माघ की कड़कड़ाती सर्दी से बचने के लिए आग भी सहायक सिद्ध होती है। यही व्यावहारिक आवश्यकता लोहड़ी को मौसमी पर्व का स्थान देती है।

लोहड़ी से जुड़ी है राजा दक्ष की कथा व रीति रिवाज

लोहड़ी से संबद्ध परंपराओं एवं रीति रिवाजों से ज्ञात होता है कि प्राचीन गाथाएं भी इससे जुड़ी हैं। राज दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के योगाग्नि दहन की याद में भी यह अग्नि जलाई जाती है। यज्ञ के समय जमाता शिव का भाग न निकालने का दक्ष प्रजापित का प्रायश्चित ही इसमें दिखाई पड़ता है। इसलिए विवाहित बेटियों को उपचार में वस्तुएं भेजी जाती हैं। लोहड़ी से 20 दिन पहले बालक बालिकाएं लोहड़ी के गीत गाकर लकड़ी और उपले इक्ट्ठ करते हैं। संचित सामग्री से चौराहे या मोहल्‍ले में किसी खुले स्थान पर आग जलाई जाती है। मोहल्ले या गांव भर के लोग अग्नि के चारों ओर आसन जमा लेते हैं। घर और व्यवसाय के कामकाज से निपटकर प्रत्येक परिवार अग्नि की परिक्रमा करता है।

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टीवी का सबसे पॉपुलर और लोकप्रिय सीरियल “एक वीर की अरदास वीरा”  एक समय में दर्शकों के  बीच काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ था  और वही इस सीरियल में नजर आने वाले सभी कलाकार भी काफी ज्यादा मशहूर हुए थे और आज हम बात करने वाले हैं  सीरियल वीरा में  रणविजय और वीरा की मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री स्नेहा वाघ के बारे में जिन्होंने  सीरियल में रतन का किरदार निभाया था और अपने इस किरदार की वजह से स्नेहा वाघ काफी ज्यादा पापुलैरिटी हासिल की है  और आज स्नेहा वाघ इंडस्ट्री की सबसे पॉपुलर और लोकप्रिय अभिनेत्री बन चुकी है|

बता दे अभिनेत्री स्नेहा वाघ ने वीरा सीरियल के अलावा टीवी के कई पॉपुलर सीरियल में काम किया है  और अपनी बेहतरीन अदाकारी और खूबसूरती से हर किसी को अपना दीवाना बनाया है| वही स्नेहा वाघ की प्रोफेशनल लाइफ तो  सुपरहिट रही है लेकिन इनकी पर्सनल लाइफ काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है और स्नेहा ने  अब तक  अपनी लाइफ में दो शादियां रचाई हैं और दुर्भाग्यवश इनकी दोनों ही शादियां असफल साबित हुई और आज  स्नेहा वाघ सिंगल लाइफ बिता रही है तो आइए जानते हैं स्नेहा वाघ के  पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें

आपको बता दें   साल 2018 में स्नेहा वाघ ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी  दोनों असफल शादियों के बारे में बात  की थी  और स्नेहा ने  अपनी दोनों शादियों के टूटने की वजह का भी खुलासा किया था| बता दे स्नेहा वाघ ने महज 19 साल की उम्र में अविष्कार दरवेकर के साथ  शादी रचाई थी लेकिन  शादी के कुछ सालों के बाद स्नेहा ने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था और फिर कुछ समय के बाद स्नेहा और  अविष्कार दर्वेकर का तलाक हो गया और दोनों की राहें अलग हो गई और वही अविष्कार से तलाक लेने के बाद स्नेहा वाघ ने  ये कहा था की  उनकी हिसाब से अविष्कार कोई बुरे व्यक्ति नहीं है लेकिन उनके साथ रहना शायद उनके लिए संभव नहीं था |

स्नेहा ने  आगे बताया था कि ज्यादातर पुरुषों की यही सोच रहती है कि उनकी पत्नी काम नहीं कर सकती लेकिन उनका यह मानना है कि एक पत्नी काम के साथ-साथ   परिवार का भी ख्याल अच्छे से रख सकती है|वही अविष्कार दर्वेकर के साथ तलाक लेने के बाद  स्नेहा वाघ ने दूसरी शादी  साल 2015 में  अनुराग सोलंकी के साथ रचाई थी  और अनुराग पेशे से एक इंटीरियर डिजाइनर है| वही अनुराग के साथ भी स्नेहा का  रिश्ता ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाया और शादी के महज 8 महीनों के बाद ही स्नेहा वाघ अपने पति से अलग रहने का फैसला की|

हालांकि अभी तक कानूनी तौर पर स्नेहा वाघ ने अनुराग से तलाक नहीं लिया है लेकिन यह दोनों लंबे समय से एक दूसरे से अलग रह रहे हैं|स्नेहा वाघ ने अपनी दूसरी शादी टूटने के बारे में बात करते हुए यह कहा था कि,” मैंने बहुत छोटी उम्र में शादी रचा ली थी  और शादी के 7 साल बाद ही मेरी पहली शादी टूट गई और दुर्भाग्यवश मैंने दूसरी शादी फिर से एक गलत इंसान से कर ली और इस वजह से नई दोनों ही शादियां  असफल साबित हुई और अब मेरी जिंदगी में कोई प्यार और कोई शादी नहीं रहेगी  क्योंकि अब मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हूं|

बात करें अभिनेत्री स्नेहा वाघ के प्रोफेशनल लाइफ की तो  स्नेहा ने  महज 17 साल की उम्र में मराठी फिल्मों से  अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद स्नेहा छोटे पर्दे की तरफ रुख की  और इन्होंने ज्योति और वीरा जैसे कई सुपरहिट सीरियल में काम किया है और टीवी इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हो चुकी है|

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